posted on : दिसंबर 30, 2022 1:48 pm
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उत्तराखंड : बगैर आदेश के शिक्षक भर्ती पर रोक, चल रहा सेटिंग-गेटिंग का खेल!

देहरादून: उत्तराखंड भर्ती घोटालों के लिए पूरी तरह से बदनाम हो चुका है। एक के बाद एक कई भर्ती घोटाले सामने आए हैं। इन घोटोलों में कई लोग सलाखों के पीछे पहुंचे। उनमें से कुछ जमानत पर बाहर निकल आए, जबकि कुछ अब भी सलाखों के पीछे ही हैं। इस बीच शिक्षा विभाग ने भी एक भर्ती पर रोक लगा दी है। भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इस भर्ती में भी गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थी।

अशासकीय स्कूलों में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिश चल रही है। शिकायतें मिली हैं कि यहां भी पैसों का और सेटिंग-गेटिंग का खुला खेल चल रहा था। जिसकी लगातार शिकायतें की जा रही थी। लेकिन, संज्ञान नहीं लिया गया। इस बीच जब शिकायतों को सिलसिला नहीं थमा तो शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक सोमवार को इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिया जाएगा।

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प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में भर्ती को लेकर गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यही वजह है कि सरकार इन स्कूलों में नियुक्तियों के लिए कोई पारदर्शी विकल्प तलाश रही है। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन की अध्यक्षता में इसके लिए समिति गठित की गई है।

सरकार ने पहले निर्णय लिया गया था कि भर्ती के लिए चयन आयोग का गठन किया जाएगा। लेकिन, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घेटाला सामने के बाद समिति अब नया विकल्प तलाश रही है। एक महीने पहले हुई बैठक में शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया रोकने के मौखिक निर्देश दिए थे।

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शिक्षा सचिव रविनाथ रमन के मुताबिक शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत भी ऐसा निर्देश दे चुके हैं। इन निर्देशों पर टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा सहित कुछ जिलों में भर्ती रोक दी गई। हालांकि, देहरादून और हरिद्वार सहित कुछ अन्य जिलों में इसकी प्रक्रिया अब भी चल रही है। इन जिलों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं मिला था।

अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम 2006 एवं विनियम 2009 में दी गई व्यवस्था के अनुसार होती है। शासन के लिखित आदेश के बिना इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। रोक के बाद भी किसी जिले में शिक्षक भर्ती हो रही है तो संबंधित जिले के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही सोमवार को इसका लिखित आदेश जारी कर दिया जाएग

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शिक्षकों की भर्ती पर अघोषित रोक लगी है। कुछ स्कूलों में भर्ती हो रही है, जबकि कुछ में पद खाली होने के बाद भी इसे रोक दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के पास भर्ती पर रोक का कोई लिखित आदेश नहीं है। अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की भर्ती में मनमानी की शिकायतों के बाद कई शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। जबकि कुछ शिक्षकों के मामलों में विभाग को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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