posted on : अक्टूबर 20, 2022 4:37 pm
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उत्तराखंड: हरिद्वार में CM धामी ने ली अधिकारियों की क्लास, दिए सख्त निर्देश

हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार दौर पर पहुंचे। हरिद्वार पहुंचने के बाद उन्होंने शांतिकुंज में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ नेता मदन दास देवी मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डामकोठी में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की बैठक ली।

मुख्यमंत्री बताया कि उन्होंने अधिकारियों को शहर में हो रही जलभराव की समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के बाद कई जगह पर जलभराव की शिकायतें आ रही थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चारधाम यात्रा और कावड़ यात्रा के बारे में जानकारी ली और व्यवस्थाओं को चाकचौबंद करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर काम कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय से कार्यालय पहुंचने की हिदायद भी दी। उन्होंने कहा कि लोगों के काम आसानी से होने चाहिए। किसी तरह की शिकायत मिलने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में 160 नाले हैं, उनकी सफाई का कार्य प्रारम्भ करा दिया गया है, जिसके लिये 124 सफाईकर्मियों लगाये गये हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने यह भी बताया कि शहर में एक दिन में तीन टाइम सफाई-व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर अधिकारियों ने अस्पतालों की व्यवस्थायें आदि के सम्बन्ध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों की सफाई व्यवस्था चाक-चौबन्द रहनी चाहिये। कभी भी अस्पतालों, नगर निगम की सफाई व्यवस्था तथा कार्यालयों में कार्मिकों की उपस्थिति आदि का औचक निरीक्षण किया जा सकता है ।

अगर औचक निरीक्षण के दौरान कहीं पर भी कोई कमी पाई जाती है, तो सम्बन्धित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों में बॉयोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के भी निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इण्डिया द्वारा हरिद्वार में किये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के सम्बन्ध में भी अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। एनएचएआई की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राष्ट्रीय राजमार्गों में कई जगह पानी रूका रहता है, जिसकी सही निकासी नहीं होने की वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है।

इस पर अधिकारियों ने बताया कि हाईवे पर जो नालियां बनी हैं, वे केवल हाईवे के पानी की निकासी के लिये बनी हैं, जबकि इन नालियों में आसपास की बस्तियों व अन्य जगह का पानी भी आ जाता है, जिसकी वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एनएचएआई तथा सिंचाई विभाग समन्वय स्थापित करते हुये एक समग्र योजना बनाकर इस समस्या का समाधान निकालना सुनिश्चित करें।

जल निगम तथा जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा पानी की व्यवस्था के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। जनपद में 12 हजार हैण्डपम्प लगे हैं और जो हैण्डपम्प किसी वजह से खराब हो जाते हैं, तो उनकी समय-समय पर मरम्मत कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता को पेयजल की कहीं पर भी कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अन्तर्गत ओवर हैड टैंक बन गये हैं तथा पाइप लाइन बिछा दी गयी है। मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये गए।  विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कि वर्तमान में उद्योगों को पूरी बिजली दी जा रही है तथा विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था में काफी सुधार है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बिजली की चोरी की घटनाओं पर भी पूरी नजर रखी जाये तथा विजिलेंस की टीम को सक्रिय किया जाये एवं बिजली चोरी की घटनाओं में जो लिप्त पाये जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने आगामी जुलाई माह में होने वाली कांवड़ यात्रा की तैयारियों के सम्बन्ध में भी अधिकारियों से जायजा लिया, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ मेले की तैयारियां प्रारम्भ कर दी गयी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कावड़ यात्रा से सम्बन्धित जो भी तैयारियां हैं, उनको समय से करना सुनिश्चित करें।

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