उत्तराखंड : फर्जी दरोगाओं का क्या होगा? विजिलेंस ने सौंपी रिपोर्ट

देहरादून: विजिलेंस ने फर्जी ढंग से दरोगा की नौकरी करने वालों की रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। अब शासन को तय करना है कि इनके साथ क्या किया जाएगा? पहले ही पिछले एक साल से 20 दरोगा सस्पेंड चल रहे हैं। विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद हाकम गैंग के इन दरोगाओं के भविष्ट पर तलवार लटक गई है। अगर शासन ने सख्ती दिखाई तो इनको जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ेगा।

बताया जा रहा है कि जल्द सतर्कता समिति की बैठक में इन दरोगाओं के खिलाफ मुकदमे या अन्य कार्रवाई पर फैसला किया जाना है। मई 2022 में एसटीएफ ने यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा धांधली की जांच शुरू की थी। इस जांच में कई आरोपियों और नकल माफिया को गिरफ्तार भी किया गया। इस बीच पहले कुछ और भर्तियों में धांधली की बात सामने आई। पता चला कि 2015 में हुई दरोगा सीधी भर्ती परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।

मामले की खुलासा तब हुआ था जब नकल माफिया हाकम सिंह के साथ कुछ दरोगाओं की फोटो वायरल हुई थी। हाकम सिंह बाकायदा दरोगाओं को ट्रेनिंग सेंटर तक छोड़ने गया था। तस्वीरों के सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया था। शुरूआती जांच में साफ हो गया था कि ये दरोगा फर्जी ढंग से नौकरी हासिल करने वाले गैंग के संपर्क में थे और उनके जरिए ही नौकरी हासिल की है।

परीक्षा पंत नगर विवि ने आयोजित कराई थी। पुलिस मुख्यालय की संस्तुति के बाद इस मामले को विजिलेंस को सौंपा गया था। विजिलेंस ने आठ अक्तूबर 2022 को नकल माफिया समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ हल्द्वानी सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस मुख्यालय ने जनवरी 2023 में 20 दरोगाओं को निलंबित कर दिया था। इस पूरे मामले में दरोगाओं और उनके परिजनों की संपत्तियों की जांच भी की गई। इसमें पता चला कि कुछ दरोगा ऐसे थे, जिन्होंने अपने परिवार की संपत्तियां गिरवी रखकर माफिया को पैसे दिए थे।

उस वक्त तक ये सब आरोप थे। बताया जा रहा है कि विजिलेंस को इनमें से कुछ दरोगाओं के खिलाफ ऐसे साक्ष्य मिल भी चुके हैं, लेकिन कई दरोगा ऐसे भी हैं, जिनका इस मामले में बेवजह नाम घसीटा गया। वह अपने स्तर से परीक्षा में पास हुए थे। अब विजिलेंस ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

कुल भर्ती दरोगाओं में से कम से कम 33 फीसदी दरोगा नाकाबिल हैं। इनमें से ज्यादातर को अपनी केस डायरी तक लिखनी नहीं आती है। इन सब कामों के लिए भी वह दूसरों का सहारा लेते हैं। 2015 में कुल 339 दरोगा सीधी भर्ती के माध्यम से भर्ती हुए थे।

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posted on : January 29, 2024 12:47 pm
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