posted on : दिसंबर 29, 2022 7:40 pm
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उत्तराखंड: भर्ती घोटालों की उच्च न्यायालय की निगरानी में हो CBI जांच : UVP

उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने भर्ती घोटालों के आरोपियों को लगातार जमानत पर जमानत मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा पुरस्कृत किए गए एसटीएफ के कप्तान की योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने कहा कि हमने शुरू से ही भर्ती घोटालों में हाई प्रोफाइल लोगों के शामिल होने के कारण इस मामले की जॉच माननीय उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने की बात कही थी।

मगर भाजपा के ही नेता इस मामले में हाई प्रोफाइल भ्रष्टाचारी हैं इसलिए उन्हें बचाने के लिए सरकार ने एसटीएफ को यह जॉच सौंपी। एसटीएफ ने भी इस मामले में हाकम सिंह की गिरफ्तारी में जितनी ढिलाई बरती वो तारीफे काबिल रही ।

हाकम सिंह के साथ पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की तस्वीरों ने इस बात को बल दे दिया था कि इस मामले में एसटीएफ चंद लोगों को खोज बीन कर मामला निपटा हुआ बता देगी और अब तथाकथित आरोपियों को प्रथम दृष्टया साक्ष्य संकलन न होने के कारण जो जमानत मिल रही है, वह एसटीएफ और आरोपियों की आपसी सांठ गांठ को उजागर करती है।

मुजीब नैथानी ने कहा कि चंदन मनराल जैसे धनी मानी व्यक्ति से पुलिस ने भर्ती घोटाले में लिए गए पैसों के संबंध में कोई साक्ष्य संकलन नहीं किया, यह बताता है कि एसटीएफ की हदें क्या है।

मुजीब नैथानी ने कहा कि असली गेम तो खुद भाजपा के अंदर खेला जा रहा है और कांग्रेस नहीं चाहती कि असलियत बाहर आए। हरिद्वार कोतवाली में रात गुजारने वालों ने भर्ती घोटालों को उजागर करने के लिए कितने धरने प्रदर्शन किए पूरे प्रदेश को पता है।

उन्होंने कहा कि इन जमानतों से हमारे आरोपों को बल मिला है कि यह केस सॉल्व करके असली आरोपियों को गिरफ्तार करना एसटीएफ के बस की नहीं है।

उन्होंने कहा कि आयोग के पूर्व अध्यक्ष के द्वारा लगाए गए आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से एसटीएफ ने आजतक पूछताछ नहीं की यह शर्म का विषय है।

उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों के संबंध में प्रथम दृष्टया ही कई प्रश्न अनुत्तरित हैं ऐसे में इनकी वृहद जॉच होनी जरूरी है साथ ही यह भी जरूरी है कि जॉचकर्ता किसी भी आईएएस, आईपीएस और मंत्रियों से भी इस संबंध में पूछताछ करने की हैसियत रख सके। इसीलिए इन समस्त भर्ती घोटालों की जॉच माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की निगरानी में सीबीआई से करवाई जानी चाहिए ।

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