posted on : अक्टूबर 6, 2022 9:55 pm
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उत्तराखंड: और सुरक्षित होगी चारधाम यात्रा, मार्गों पर बनेंगे अस्पताल

देहरादून: चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में आयोजित बैठक में चारधाम यात्रा मार्ग पर तीर्थ यात्रियों की सुविधा को देखते हुये नये अस्पताल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इन अस्पतालों के लिये चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ का पृथक से कैडर बनाया जायेगा।

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने प्रभारी सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार को नये अस्पतालों की शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि चार धाम यात्रा मार्ग पर तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुये यात्रा मार्ग पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नये अस्पताल खोलने का निर्णय लिया गया है।

इन अस्पतालों में चिकित्सकों, टेक्नीशियनों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के लिये पृथक कैडर बनाया जायेगा, जिनको अन्य अस्पतालों से अधिक वेतनमान दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर डीपीआर बनाकर कैबिनट के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने कहा कि आने वाले समय में चार धाम यात्रियों की संख्या डेढ़ से दो गुना बढ़ने की पूरी संभावना है।

इसी के मध्यनजर सूबे के चार धाम यात्रा रूट पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहत्तर बनाने का निर्णय लिया गया है। इन अस्पतालों में योगदान देने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों, टेक्नीशियनों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को अपेक्षाकृत अधिक वेतनमान एवं चार धाम यात्रा भत्ता दिया जायेगा।

इससे चार धाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों को बेहत्तर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार धाम यात्रा मार्ग पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं संबंधी प्रस्तुतिकरण भी दिखाया गया।

स्वामी माधवाश्रम अस्पताल

देहरादून : चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागर में रूद्रप्रयाग जनपद के बेला (कोटेश्वर) स्थित श्री ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम धर्मार्थ ट्रस्ट के अस्पताल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की बैठक ली। जिसमें श्री ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी स्वामी  शिवानंद गिरी भी उपस्थित रहे।

बैठक में धर्मार्थ अस्पताल का स्वामित्व स्वास्थ्य विभाग को सौंपने को लेकर राज्य कैबिनेट द्वारा पूर्व में लिये गये सभी निर्णयों को अक्षरशः लागू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि विभाग द्वारा अभी तक कैबिनेट के सभी निर्णयों को लागू नहीं किया गया। विभागीय मंत्री ने बैठक में ही महानिदेशक स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्साधिकारी रूद्रप्रयाग को उक्त के संबंध में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ओर से चिकित्सालय के समायोजन को लेकर कुछ शर्तें रखी गई हैै।

जिनमें चिकित्सालय का नाम ‘ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम’ रखना, चिकित्सालय में पूर्व से काम कर रहे आठ कर्मचारियों को विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से समायोजन, जिला सलाहकार स्वास्थ्य समिति के गठन होने पर ट्रस्ट की ओर से एक सदस्य को समिति में नामित करना शामिल है। विभागीय मंत्री ने बताया कि धर्मार्थ चिकित्सालय का विस्तारिकरण किया जायेगा। वर्तमान में मुख्य जिला चिकित्सालय रूद्रप्रयाग में 80 बैड स्थापित है।

जबकि धर्मार्थ अस्पताल में कुल 83 बेड हैं। दोनों अस्पतालों में पूर्व से निर्मित भवन एवं प्रस्तावित निर्माणाधीन भवन के निर्माण पूर्ण होने पर यहां बेडों की संख्या 308 हो जायेगी। जिससे स्थानीय लोगों एवं चारधाम यात्रियों को बेहत्तर स्वास्थ्य सेवाओं सुलभ हो सकेगी।

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