उत्तराखंड: डगमगाने लगे बाबा रामदेव के सितारे, पतंजलि की सोन पापड़ी का सैंपल फेल, AGM समेत तीन को सजा

पिथौरागढ़: बाबा रामदेव के सितारे बुलंदियों पर थे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को लगातार झटके पर झटके लगते जा रहे हैं। बाबा रामदेव के लिए लिए 2024 का साल अच्छा नहीं घट रहा है। बाबा को लगे झटकों से पतंजलि की साख को भी बट्टा लगा है।

ताजा मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ संजय सिंह की अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कंपनी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM), डिस्ट्रीब्यूटर कान्हा जी प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर और एक व्यापारी को छह-छह माह की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 40 हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 अक्तूबर 2019 को बेड़ीनाग से इलाइची सोन पापड़ी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। यहां नमूना असुरक्षित श्रेणी का पाया गया था। प्रदेश की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर पतंजलि ने इस नमूने की जांच के लिए रेफरल लैब गाजियाबाद (भारत सरकार) को भेजा था। यहां भी नमूना फेल पाया गया जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने 28 जुलाई 2021 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर कराया था।

इतना ही नहीं उत्तराखंड सरकार भी बाबा रामदेव की कंपनी की 14 दवाओं के लाइसें निरस्त किए जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तराखंड में भी सख्ती दिखाई गई। सवाल यह है कि इससे पहले बाबा के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ही एक्शन क्यों लिया गया? सवाल यह भी कि क्या बाबा रामदेव अब तक लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे?

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posted on : May 19, 2024 4:17 pm