posted on : दिसंबर 30, 2022 8:48 pm
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उत्तराखंड : कोरोनेशन अस्पताल को मिली ICU की सौगात, स्वास्थ्य मंत्री ने किया शुभारंभ

देहरादून : स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने जनता से किया वादा निभाया। उन्होंने के दिन पहले ऐलान किया था कि कोरोनेशन अस्पताल में 30 जून को आईसीयू सेवा शुरू हो जाएगी। आज स्वास्थ्य सेवाओं में एक अध्याय जुड़ गया। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोरोनेशन जिला अस्पताल देहरादून में 10 बेड के आईसीयू यूनिट का विधिवत शुभारम्भ किया। इससे पूर्व गंभीर रोगियों को आईसीयू के लिये दून अस्पताल एवं अन्य चिकित्सालयों पर निर्भर रहना पड़ता था।

जिला अस्पताल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होने से अब यहां आने वाले मरीजों को भारी राहत मिलेगी। आईसीयू यूनिट के संचालन के लिये फिलहाल दून मेडिकल कॉलेज से 10 स्टॉफ नर्सों को तैनात किया गया है। विभागीय मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय के साथ ही स्टॉफ नर्स की स्थाई व्यवस्था की जायेगी।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज पंडित दीन दयाल उपाध्याय कोरोनेशन जिला अस्पताल में 10 बेड के आईसीयू यूनिट का विधिवत शुभारम्भ किया। डॉ. रावत ने कहा कि कोरोनेशन अस्पताल में अब गंभीर मरीजों को आईसीयू सुविधा मिल पायेगी।

उन्होंने कहा कि आईसीयू यूनिट के संचालन के लिये दून मेडिकल कॉलेज से 10 स्टॉफ नर्स की कोरोनेशन अस्पताल में तैनात कर दी गई है, ताकि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आये। विभागीय मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय के साथ ही स्टॉफ नर्स की स्थाई व्यवस्था की जायेगी, इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यकतानुसार पदों के सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश मौके पर दिये।

आईसीयू यूनिट के शुभारम्भ के बाद विभागीय मंत्री ने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक भी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहत्तर से बेहत्तर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया की जाय तथा सभी प्रकार की निःशुल्क पैथौलॉजी जांच के साथ ही दवाईयां भी अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाय।

उन्होंने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से अभी तक वार्ड ब्वॉय एवं अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा। विभागीय मंत्री ने कहा कि जिला एवं संयुक्त चिकित्सालयों को आईपीएचएस मानकों के अनुरूप सुविधाएं जुटाई जाय ताकि भविष्य में अस्पतालों को एनएबीएच मान्यता मिल सके।

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